Wednesday, 12 April 2017

" भ्रष्टाचारी और ईमानदार युद्ध "


प्रिय भारत एवं विश्व वासियों ,

विश्व का सर्वोत्म भ्रष्टाचारी प्रदेश उत्तर प्रदेश 
और ईमानदार हरीशंकर शर्मा  अध्यक्ष IBBIBBP
युद्ध मेदान में डट गया है , मामला गबन का  है,
₹ = 108933/- का है , कि यह उत्तर प्रदेश सरकार खा गयी है, 
फिर भी नोटिस जारी कर मांग रही है ।
मीलास्को आवास सहकारी समिति का
 गठन उत्तर प्रदेश सरकार आवास वित्त संघ UP
 ने किया और भवन ऋण वितरण व ऋण वसूली को 
राज्यपाल UP ने मान्यता प्रदान की , फिर खूब 
भ्रष्टाचार किया गया मेरे प्यारो,

श्री कैलाश बाबू अग्रवाल ने MIG 464 सैक्टर-10 
आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा का 
विक्रय दिनांक 28-10-1996 को हरी शंकर शर्मा को
बेचा और रजिस्ट्री भी करा दी , क्यौंकी सन् 1991-92 में 
श्री कैलाश बाबू अग्रवाल आवास संघ व आवास विकास परिषद 
से भवन MIG 464 सैक्टर-10 ,आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा
की रजिस्ट्री करा चुके थे और भवन विक्रय की NOC भी प्राप्त कर चुके थे ।

उत्तर प्रदेश राज्यपाल SIR व आवास संघ व आवास विकास परिषद व आगरा कार्यालय 
दावा कर रहा है कि इन्हौने मौखिक जुबान पर ₹ = 1,00,000/- एक लाख का कर्ज दिया था ।
और भवन MIG 464 सैक्टर-10 आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा, की मूल 
रजिस्ट्री बन्धक नहीं रखी , भवन विक्रय पर NOC भी जारी कर दी , मीलास्को समिति 
सचिव चंन्द्रशेखर शर्मा का रिजाइन भी स्वीकार कर मुक्त किया ।
श्री कैलाश बाबू अग्रवाल स्वर्ग चले गये , 
सन् 2011 में MIG 464 सैक्टर-10 आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा 
पर बिना आधार निलामी नोटिस ₹ 5 लाख मांग रहे है ।

सवाल - राज्यपाल साहब  उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार ठीक इसी प्रकार होता है ।
कागजात वकील स्पष्ट कर रहा है की  स्वर्गीय  कैलाश बाबू अग्रवाल पर 
कोई  भी  कर्ज  भवन MIG 464 सैक्टर-10 आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा
पर नहीं है ।

राज्यपाल सर भवन ऋण हमेशा ही भवन की  रजिस्ट्री बन्धक रखकर ही किये जाते है ।
आपके पास भवन MIG 464 सैक्टर-10 आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा
की मूल रजिस्ट्री नही है , हरीशंकर शर्मा आपको चुनौती देता है कि मूल रजिस्ट्री 
आवास संघ और आवास विकास परिषद के पास  है ही  नहीं  , 
तब कैसा ऋण कैसी वसूली ?

चुनौती - उत्तर प्रदेश सरकार एक पाई भी हरीशंकर शर्मा एवम् उसके भवन MIG 464 सैक्टर-10 
आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा से वसूल कर के दिखाये क्यौंकी 
आवास संघ और आवास विकास परिषद बिना ठोस आधार भवन MIG 464 सैक्टर-10 
आवास- विकास कॉलोनी , सिकन्दरा आगरा को डंडाबल व धनबल पर हड़पना चाहते है 
जो सम्भव नहीं है । 

HIGH  COURT  इलाहाबाद के पास ठोस साक्ष्य आज भी मौजूद है । 
जिनको हरीशंकर शर्मा दे चुके है , हरीशंकर शर्मा चुनौती के साथ खड़ा है ।
प्यारो भ्रष्टाचार UP में भयंकर रुप ले चुका है , जिसका खात्मा अनिवार्य हो गया है ,
समझे मेरे प्यारों ।

सधन्यवाद ‍!
भवदीय
हरीशंकर शर्मा
अध्यक्ष IBBIBBP









Monday, 10 April 2017

" चुनाव आयोग और भ्रष्टाचार "

प्रिय भारत एवं विश्व वासियों ,

EVM प्रकरण और उत्तर प्रदेश चुनाव 2017
वोटर की भावनाओ का आदर ईमानदारी से करना ही
संविधान का पालन है , जैसे वोटर का प्यारा 
हाथी  चुनाव चिन्ह है तब उसका वोट EVM यानी
चुनाव मशीन हाथी ही प्रकट करें नाकि कमल 
या हाथ या साईकिल या हैण्डपम्प या अन्य 
किस देशद्रोही ने इस स्वच्छ प्रकिया में गडबडी की 
उसे फांसी देना ही न्याय है , यही श्री राम का चलन है ,
उन्हें छल- कपट ना पसन्द है , जैसे किसी के प्यारे 
भगवान राम, हनुमान , शिव , साईं  किसी के प्यारे ईशू ,
अल्हा तब स्वतंत्रता पूर्वक भजन करो , नाकि गड़बड 
करो ,  चुनाव मशीन स्वच्छ मशीन है परन्तु सिस्टम में 
गडबडी करना राष्ट्रद्रोह है ,

वोटर जिसमें बाल पीड़ी 18 वर्ष वाले , बूढ़े 70 वर्ष वाले ,
युवा 40 वर्ष वाले जिनकी पसन्द अलग- अलग है जैसे 
राम लाल को हाथी प्यारा है , हरी को कांग्रेस का हाथ , 
पंकज को साईकिल , रमेश को भाजपा का कमल , 
विनोद को झाडू आदि तब ईमानदारी से EVM को 
अपना काम करने दो छल- कपट मत करो , वोटर 
की भावना को भगवान समझो , ईमानदार बनो 
 EVM को छली मत बनाओ की बटन दबाया 
हाथी पर छाप लग गई कमल पर अरे 
अंग्रेजों के कपूतो , बेईमानों की संतानो, प्रेतों के 
पुत्रों ईमानदार बनकर राजगद्दी हासिल करो , 
नाकि भ्रष्टाचारी पशू सोच में सत्ता पाना या जीतना
चुनाव आयोग में कार्यरत सक्षम अधिकारी भ्रष्टतम है, 
यह पूरा भारत जानता है , 

और धन लालच में ईमानदारी बेचना पेशा बन गया 
है, यदि भारत का सक्षम अधिकारी भ्रष्टाचारी नहीं 
होता  तो भारत आज भी सोने की चिड़िया होता , 
चुनाव आयोग बतायें कि कितने जिलाधिकारी IAS 
आज पूर्णतः ईमानदार है मात्र वेतन पर ही जीवित है
जबाब - 0.01% तब चुनाव में बेईमानी होगी 

जब चुनाव आयोग ही भ्रष्ट है तब चुनाव में 
ईमानदार ही बेईमानी है

चुनौती - राष्ट्रपति भारत बतायें कि कितने IAS 
जिलाधिकारी , उपजिलाधिकारी , मण्डलायुक्त
 मात्र वेतन आधार पर ही जीवन स्तर बना कर 
रह रहे है ? यानी वेतन से रोटी , कपडा मकान , 
शिक्षा बच्चों का स्तर , पत्नी की सजावट , रिश्तेदारों 
में चलन और संस्कार निभा पा रहे है ,

प्यारो - ईमानदार बनना सरल राह नही है फिर भी ईमानदार बनो 

सधन्यवाद !

भवदीय 
अध्यक्ष IBBIBBP
हरी शंकर शर्मा








" नारी उत्पीडन और संविधान " 14 अप्रेल 2017 बाबा साहब अम्बेडकर जी की जयन्ती पर कहानी / सच



प्रिय भारत एवं विश्व वासियों,


संलग्न पेज नारी उत्पीड़न तलाक की कहानी बयां कर रहे है कि भारत समाज में ब्राहम्ण ठाकुर भी भ्रष्टाचारी और नारी शोषण बाज है , मर्दो का डंडाराज आज भी कायम है , नारी न्यायालय नहीं है ,नारी को लोकसभा में  50% आरक्षण नहीं है , यू.पी विधानसभा में 50% आरक्षण नहीं है , आगरा में HIGH कोर्ट बैंच नहीं है , नारी को 100% रोजगार आज भी नहीं है , तभी मर्द जाति बेखौफ नारी उत्पीड़न करता है , अपराधी के आगे न्याय झुक जाता है सर्वोच्य पद IAS भी आज भ्रष्टाचारी बन गया है हे राम सीता तलाक आज मिशाल बन गया है ।


विषय -" नारी उत्पीडन और संविधान "


        14 अप्रेल 2017 बाबा साहब अम्बेडकर जी की            जयन्ती पर कहानी / सच

भारत समाज जहाँ नारी का उत्पीड़न ही कर्म बन गया है , सक्षम ब्राह्मणों ने भंगी जाति की नारीयों को अपना अंश देकर पिता पद पाया और छोड़ दिया , ठाकुर जाति के हजारों भंगी पुत्र आज भी जिवित है , पर पिता का प्यार  मान  नहीं मिला । आज की बर्बादी समाज के धनी ठेकेदारों के कारण की गयी जिसका संविधान कुछ भी न कर सका क्यौंकी रक्षक ईमानदार नहीं है , भारतीय वोटर मशीन ईमानदार नहीं है ।
नोटबन्दी ड्रामा जिसमें RBI काला धन अपने स्तर पर सफेद कर रही है और  50 दिन गरीब समाज तबाह हो गया , फर्जी कारोबार फर्जी कंपनियाँ और फर्जी समाज , जो नारी उत्पीड़न पर भी गर्व करता है न्यायालय भी झुक जाता है , वाह संविधान गुजरात हत्या काण्ड सभी जिन्दा बच गये , कानून बिक गया , सब छूट गये , सलमान बच गया मारने वाला मर गया न्यायालय चुप हो गया , वाह संविधान , वाह हत्यारों वाह री ईमानदारी
वाह री बेरोजगारी प्राईवेट सेक्टर मनमानी
वाह व्यापार जगत बेईमानी वाह राजनीति बाह भारत समाज , बाह भ्रष्टाचार
पैसा देखा IAS भटक गया
पैसा देखा चपरासी फिसल गया
भ्रष्टाचारी चलन पूरा समाज छली बन गया
चरित्र मिट्टी में मिलाया देश- प्रेम मन से भगाया
संविधान में नारी सम्मान है तलाक नहीं है पर
ना हिन्दू माना ना मुसलमान नारी को अबला बना ही डाला , बेचारी मजबूर है , भाग्यहीन है , पराधीन है,
अरमानों का जनाज़ा सामने है , शादी और दहेज मिली आग और मर गयी , बेरोजगारी हाय महामारी, नारी का दुश्मन मर्द समाज, नारी बलात्कार को मर्द वकील, जज, पेशकार सुनता  ।
बाह  संविधान नारी न्यायालय , नारी जज, नारी पेशकार व नारी वकीलों को स्थान ही नही दिया ,
ताकी भ्रष्टाचारी सजा पा सकें ,तलाक शुदा नारी खुल कर अपनी आप बीती नारी न्यायालय जज साहब को बता सकें ,
बाह , मर्द समाज जाति ठाकुर और बलात्कार करता है मेहतरानी से फिर बच्चे को ठाकुर का नाम नहीं देता
उसे दलित कहता है , वाह संविधान , वाह कानून नारी को न्याय नहीं मिला ।

आज ब्रहाम्णों की लड़कीयाँ तलाक शुदा मायुस है पिता के घर जीवन यापन कर रही हैं ,उनके जीवन से खिलवाड़ करने वाला मर्द दूसरी लड़कीयों के साथ मौज़ कर रहा है , संविधान तमाशा देख रहा है , संसद भवन सो रहा है ,वाह दिल्ली बिल्ली बन गयी नारी उत्पीड़न तलाक पर चुप बैठ गयी , नारी उत्पीड़न पर मर्दो को फांसी क्यों नहीं दी जाती है ?
तलाक और बलात्कार पर जल्दी फांसी क्यों नहीं है ?
नारी न्यायालय चलन में क्यों नहीं है ?
नारी समाज को 100% रोजगार क्यों नहीं है ?
नारी संसद की सीट 50% क्यों नहीं है ?
नारी समाज का आधार भारत में 50% क्यों नहीं है?
यू.पी . में 50% रिजर्व सीटें विधायक नारी क्यों नहीं है ?
आगरा , मेरठ , झाँसी , कानपुर में HIGH कोर्ट बैंच क्यों नहीं हैं ? इसलिए कि मर्द जाति को जेल में रखना कानून की मजबूरी बन जायेगी , और मर्द समाज यह चाहता नहीं है , परिषद IBBIBBP बेचारी भ्रष्टाचारियों को तीर की तरह चुभती है । हे राम सीता का तलाक आज मिशाल बन कर नारी उत्पीड़न कर रहा है , आपने ऐसा चलन क्यों किया हे राम ‍!
नारी उत्पीडन बंद करो ।
सधन्यवाद !
भवदीय
अध्यक्ष  IBBIBBP
हरी शंकर शर्मा











Saturday, 1 April 2017

" मायावती जी की मायूसी व हार "


प्रिय भारत एवं विश्व वासियों ,

हाथी अपनी राह से भटक ही गया
यू.पी. से भाग कर दामन में छिप गया
 मायावती जी का सपना चूर-चूर हो गया 
चुनाव की मशीन पर पारा चढ़ गया
हे राम उत्तर प्रदेश में क्या हो गया
वोट बैंक आज चौपट सा ही हो गया 
कहीं जनता को यह वाक्या बुरा लग गया 
महात्मा गाँधी जी को गाली - जूता मारा
देश- भक्तों का अपमान जुल्म ढा गया 
हाय हाथी बेचारा पसीना छोड गया
ब्राह्मणों और मौर्या गणित ठीक बैठ गया
लखनऊ राजधानी में चौंसर बिछ गया

सधन्यवाद ! 
भवदीय 
अध्यक्ष
हरीशंकर शर्मा




" डरपोक है अमैरिका "


प्रिय भारत एवं विश्व वासियों 

बेचारा अमेरिका आज भूखा मर रहा है तभी भारत
वालों को वापस भेज रहा है , भारत से सम्बन्ध समाप्त
कर रहा है , भारतीयों की हत्या करवा रहा है , 
कारण - अमरीका वासी डरपोक है , जो अपनी रक्षा स्वयं 
नही कर सकता तभी आतंकवादी जब चाहते है 
अमरीका पिट जाता है , इतना भय-भीत है कि
मुसलमान देशों पर प्रतिबन्ध लगा दिया , शायद सपने में
अमरीकावासी आतंकबाद के भय से बिस्तर में मूत
 कर रहे है , अति डर मानव का आपा खो देता है , जैसे
जब भारत में आजादी क्रान्ति गरम हो गयी तब गोरे 
भाग गये गाढू यानी डरपौक साले , भारतीय हमेशा 
निडर होकर काम करता है , अमरीका बतायें कि 
उसकी आजादी से आज तक भारत ने कभी भी 
आंतकवाद फैलाया हो , या मेहनत में कोताही बर्ती हो,
भारतीय पूरी सुविधायें ना मिलने पर भी समायोजन 
करने वाला हिन्दू देश का नागरिक है , शायद ट्रंम्प
यह समझ नही पा रहे है कि मित्र कौन है शत्रु कौन ,
अगर अमरीकावासी सोच मानवीय नही हुयी तो 
मजबूर अमरीका को सबक सिखाना ही भारत का 
प्रथम कर्तव्य होगा । हे अमरीकी हराम खोर प्रजाजनों
सोच में सच्चायी को जगह दीजिये बदला भाव ही 
तबाही का प्रथम चरण होता , मन्दबुद्धि मत बनो,
विश्व पटल पर शालीन व उदार बन कर जीवन यापन करो,


मानवीय घृणा संसार के विनाश का प्रथम पग है 
आशा है अमरीका नींद से जागकर स्वयं का मन्थन कर 
उच्च सोच से कदम उठायेगा ।


भारत वीर अमर रहे
जय ईमानदारी माँ
जय भारत माँ

भवदीय 
अध्यक्ष IBBIBBP
हरीशंकर शर्मा 





"नारी उत्पीडन और भारत वर्ष "

प्रिय भारत एवं विश्व वासियों ,
           धर्म शास्त्र में नारी का दर्जा सर्वोत्म माना गया है
फिर भी श्री राम युग से लगातार नारी उत्पीडन का दर्द
झेल रही है, अाज सामान्य नारी भी उत्पीडन का शिकार
है, सवाल यह है कि दोषी कौन है ? समाज या मर्द
माँ पार्वती ने रुप बदला सीता बनकर श्री राम का
दर्शन किया , परिणाम स्वरुप महाशिव रुठ गये और
पार्वती का या सती माँ का परित्याग - तलाक कर ही
दिया, वाह! सती सरे राह शरीर त्याग कर पतिव्रता का
साक्ष्य दिया , माँ सीता जी ने भी भगवान राम का शक
आग में परीक्षा देकर दिया भाग्यवश जीवित बच गयी
बिभीषण और हनुमान साक्षी है, फिर भी सीता माँ का
परित्याग बन गमन पर अयौध्या शासन + प्रशासन +
परिवार + मित्र मण्डली की मौहर लग ही गयी ,
सीता का त्याग कि 14 वर्ष बन गवन में शारीरिक आर्थिक
व मानसिक कष्ट और उत्पीडन जो रावण ने किया झेला
फिर भी राजा राम का सीता त्याग आदेश जारी ही हुआ,
हे अबलाओं, आज तुम्हारा शोषण यही भारत समाज
मर्द जाति खूब कर रही है,
प्रमाण - अध्यक्ष हरीशंकर शर्मा  गवाह है कि ब्राह्मणों
ने निर्दोष विवाहित पत्नी / पत्नीयों का तलाक कर
मनमानी दूसरी शादी की है ।
जब दूल्हा बनने का मौका मिला तब दोनों हाथों में
 गेंहू / जौं लेकर चौकी पर बैठ गया आग को साक्षी मान
पत्नी की मांग भरी , और फिर तलाक कर दिया ,
अनेकों कमी दीख रही है, वाह समाज वाह हिन्दू समाज
दूसरे की प्यारी लाडली बेटी विवाह बाद त्याग दिया , और
नमक हराम समाज तमाशा देख रहा है कि दूल्हा को
सबक सिखाया जा सके , ना
कानून कहता है कि तलाक मामला लम्बा खीचों वर्षो दर
वर्षो जारी रखो, ताकि या तो सम्बन्ध बन जाय या टूट जाय
कानून कौन होता है ? तलाक मामले लम्बे खींचने वाला ,
यही मर्दों की मनमानी है नारी की पूरी गुलामी है ,
तलाक मामला किसी भी कीमत पर उच्च न्यायालय
और सर्वोच्य न्यायालय तक नही जाना चाहिये ,
निम्न न्यायालय के फैसले के बाद सीधा राष्ट्रपति
न्याय दरबार में जाना चाहिये जहाँ 90 दिन में
 पूर्ण न्याय तलाक मामला समाप्त किया जाना चाहिये
तलाक मामला कुल 6 माह में पूर्ण किया जाना चाहिये
और केस दायर तारीख से ही जीवन यापन खर्च का
पैसा न्यायालय द्वारा पीढिता को दिया जाय ,
सवाल - भारतीय न्यायालयों में तलाक मामला मर्द जजों
द्वारा ही क्यों सुने जाते है , भारत सरकार नारी जजों
को यह अधिकार क्यों नही सौंप रही है , ?
जैसे महिला न्यायालय जहाँ महिला वकील , महिला जज,
महिला पेशकार महिला पुलिस आदि के समक्ष नारी
उत्पीडन, तलाक , पिटायी , बलात्कार , छेड़खानी ,
घरेलू सास-बहू झगडा , बहू का उत्पीडन मकान
खेत , दुकान , चांदी- सोना , धन में बहू को
 हिस्सा ना देना , बहू को भूखा रखना , उपचार ना
करवाना बच्चा जबरन गिरवाना , लड़की पैदा होने
पर उत्पीडन , कटाक्ष , व्यग्य , देवर - जेठ का अवैध नई
बहू पर हुक्म , चुगली झूठ चोरी , खाने में बदनामी , नुक्स
निकालना , ताना मारना , बहू के साथ अलगाव बाद ,
यह रात- दिन का परिवार का चलन हर घर घर की
कहानी है, जहाँ प्यार की व न्याय की अति आवश्यकता है,
जहाँ न्याय नही वही मामला न्यायालय तक जाता है , 
तलाक हो जाता है ,
सवाल - बेशर्म भारतीय समाज - जो देख रहा है रमजानी ने
तलाक रेशमा का कर ही दिया है तब अपनी शब्बो को
 रमजानी को क्यों सौपना चाहता है ?
 जबाब सोचे
भारतीय समाज ,जब अमर ने पिंकी को तलाक दे ही दिया
तब सपना अमर की पत्नी क्यों बनना चाहती है ?
हे नमक हरामी युवाऔं , समाज के ठेकेदारों न्याय कीजिये,
नारी समाज को मान दीजिये, तलाक बन्द कीजिये , बहु को
आग में मत जलाओं ,कानून अति लाहपरवाह बना दिया
गया है क्यौंकि मर्द जाति का डंडा राज आज भी कायम है ,

नारी का गुण संतान पैदा करना व घर परिवार की सफाई
व रसोई तक ही उसका कर्तव्य है , यदि आप मर्द है तो
इसी कर्तव्य तक सोच बनाकर साथ निभायें अन्यथा कुवारे संडे
रहकर ही जीवन व्यतीत करें ,
प्यारे ना राम बनो , ना भगवान बनो , बस एक नारी के , प्यारे पति
जरुर बनो प्यारो , यही धर्म है ,
सधन्यवाद ‍!
भवदीय
हरीशंकर शर्मा














Sunday, 12 March 2017

" उत्तर प्रदेश में गुजराती जीत "


प्रिय भारत एवं विश्व वासियों ,

उत्तर प्रदेश  का चुनावी परिणाम बता 
रहा है कि उत्तर प्रदेश वासी
गुजरातीयों का लोहा मान गये
यानी गुजराती दासता स्वीकार कर ली ,
और सर आंखों पर बिठा ही लिया,
यहाँ उत्तर प्रदेश वासी का चुनाव रुझान
अपने पन से खफा व गद्दारी पूर्ण है,
कि उन्हें उत्तर प्रदेश की भूमि में
जन्मा नेता पसन्द ही नहीं आया
और विशाल उत्तर प्रदेश गुजरातियों
को सौंप कर दास बन गये,
उत्तर प्रदेश जहाँ आजादी संग्राम की शुरुआत
मेरठ उत्तर प्रदेश से हुयी थी और आजादी
मिली वही उत्तर प्रदेश आज विश्वास घाती
बन गया और परायी दासता स्वीकार की,
उत्तर प्रदेश वासियों ने पड़ौसी प्रदेशों से
सबक तक नहीं लिया जैसे बिहार व
पश्चिम बंगाल जिन्होंने गुजराती दासता
को ठुकराया और अपना पन दिखाया ,
और नमक हलाल किया , आज उत्तर प्रदेश वासी
गुजरात प्रदेश चुनाव में एक सीट भी नहीं जीत सकता
क्यौकी  प्रदेश  प्रेम ही सर्वोत्म प्रेम  व ईमानदारी है ,
यहाँ यह ज्ञान उत्तर प्रदेश वासी भूल गया 
और दास बन गया

" भरा नही वह भावों से जिसमें प्रदेश से प्रेम नहीं
उत्तर प्रदेश वासी गद्दार है जिसे प्रदेश से प्रेम नहीं" 

खाया नमक उत्तर प्रदेश का गया गाना गुजराती
जन्म लिया उत्तर प्रदेश में वोट दिया गुजराती
गद्दारी काम नहीं आती अच्छा है जन्म स्थान
अपना पन भूल  गया बेच दिया जन्म स्थान
गुलाम बन कर जीना अच्छा है तब आजादी बेकार
अपनों को ठुकरा कर किया बेगानों से प्यार
आजादी से आज तक उत्तर प्रदेश का मान रहा
आज उत्तर प्रदेश वासी पक्का पूरा बेईमान हो गया
हे राम हे कृष्णा हे शिव हे राम भगवान हाय
उत्तर प्रदेश में गुजराती सोच जीत गयी हाय
सब कुछ गंवा दिया उत्तर प्रदेश गंवा दिया ।

सधन्यवाद !

भवदीय
हरीशंकर शर्मा
अध्यक्ष  IBBIBBP





Tuesday, 7 March 2017

भारतीय होली और उत्सव


प्रिय भारत एवं विश्व वासियों ,

विषय ः- भारतीय होली और उत्सव


भारतीय होली परम पावन उत्सव भारत की पहचान
प्रेम-मिलन सत्य धर्म ईमानदारी जीत की पक्की पहचान
भ्रष्टाचारी मूर्ख पिता हिरण्यकश्यप
अपने सगे पुत्र प्रहलाद का बन गया पक्का दुश्मन
प्रहलाद नहीं सन्तुष्ट था पिता के अत्याचार ,
भ्रष्टाचार और अनीतिकारी प्रशासन से
ठन गयी पिता पुत्र में घमासान हो गया
ईमानदार पुत्र की तरफ
 भ्रष्टाचारी पिता की तरफ
हर बिंदु पर पिता मात-पर मात खा रहा था
तब प्रहलाद को तंत्र-मंत्र में बांध कर जलाया जा रहा था
ईमानदारो का पूरा ध्यान प्रभु विष्णु नारायण देव में लगा था ,
दयालु प्रभु ने आग में कवच फेंक कर बचा लिया  ईमानदार प्रहलाद
और सरेआम पकड़ा पिता और ईमानदारो के सामने नखों से फाङ डाला पेट बुरी तरह
- तडफ रहा पिता हे प्रहलाद बचा बेटा पुत्र ही रक्षक होता है पिता का
ईमानदार समाज बोला नही प्रहलाद जो पिता
अपने ही पुत्र की हत्या करना चाहता हो, बुरा चाहता हो
वह बध करने योग्य है जीवन देता हे तो अधर्म व पाप है , यही धर्म व न्याय है
पिता तड़पता रहा प्रहलाद विवश हो गया
पिता बुरी तरह मारा गया , जानवर योनि में गया
भगवान का प्यार व आर्शीवाद मिला राजा
ईमानदार प्रहलाद बन गया और ईमानदारी छा गयी,

जैसे ः- गुजरात की कीचड़ दिल्ली तक आ गयी
और ईमानदारी होली में बदबू फैल गयी 


प्यारो , ईमानदारी से होली उत्सव मनायें और प्रहलाद भक्त 
और ईमानदारौ से प्रेम पुर्वक होली खेलें
भ्रष्टाचार समाज में बदबूदार कीचड़ की तरह है , बचैं , 

जैसे  अमरीका वाले क्या जाने होली पुरुष मिलन का
 प्रेम और आनन्द क्योंकि वह नारी मिलन में ही पाते है सर्वानन्द 


ईमानदार की जाति सर्वश्रेष्ठ है भले ही निम्न जाति वाला हो ।
उच्च जाति का भ्रष्टाचारी निकृष्ट जानो , मानो 


भारत की होली विश्व मानव प्रेम व ईमानदारी की सच्ची पौराणिक रीति- रिवाज है
धन्य भाग्य बृज धाम के श्री कृष्णा खेलें होली
भारत का मान बढ़ाती होली भाई के तिलक लगाती बहिन,  प्रेम बढ़ाती होली
समाज मजबूत बनाती होली , अमीर गरीब को गले मिलाती होली , 
हे राम कितनी प्यारी है भारतवर्ष की होली 

जैसे ः- आयी फुआर पिचकारी की मन गद-गद हो गया री ,
 गोरी के गाल पर लाल गुलाल देख मन खूब नाचें री
 ताऊ के माथे पर पीला तिलक देख हँसी  आयी री 
सुदामा लगत है ताऊ जी देखों होली आयी री 

बाल्टी भरकर रंग डाले , भाभी देवर पर
देवर नाचे बैण्ड- बाजे में मटक - मटक भावें
पाक पकवान मिठाई बरसें भारत समाज में
ठंडा पानी मीठा पानी मिठास लावे समाज में
भीगा बदन ऊपर से गुलाल रंगीन सूरत प्यारी लगे
हँसी आती देख बच्चा पिचकारी से होली खेले
पूरा समाज भारत में खुब खुशी मनाता
एक दिन पूरा भारत प्रेम खूब बरसाता
ईमानदारी होली भारत की सर्वोत्म त्यौहार
प्रेम-बढ़ाती भारत में आया होली का त्यौहार

सधन्यवाद !
भवदीय
हरीशंकर शर्मा
अध्यक्ष IBBIBBP